Ek Raat Ki Dulhan


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Deep punjabi 2016-07-25 Comments

Sex Stories In Hindi

नमस्कार दोस्तो आपका दोस्त दीप पंजाबीे हाज़िर है आपकी सेवा में एक नई कहानी के साथ जो के एक दूर की रिश्तेदारी की भाभी के साथ सेक्स से सम्बंधित है।

सबसे पहले अपना परिचय दे दू मेरा नाम दीप पंजाबी, पंजाब से हूँ उम्र 30 साल कद 5 फ़ीट 3 ईन्च रंग गेंहुआ है।

सो ज्यादा वक्त न जाया करते हुए सीधा कहानी पे आते है।

गांव की पढ़ाई पूरी करके मैंने आगे की पढ़ाई के लिए पंजाब के बठिंडा शहर में दाखिला ले लिया शहर घर से काफी दूर था। तो रोज़ाना आना जाना कठिन काम था। सो एक जान पहचान वाले मित्र की मदद से मैंने वहां ही एक कमरा किराये पे ले लिया और उसमे रहने लगा। वैसे तो घर बहुत बड़ा था। परन्तु मैं एक कमरा ही यूज करता था। रोज़ाना कॉलज से घर, घर से कालज यही मेरा रूटीन था

कुछ महीने पहले की बात है के कालज में किसी वजह से एक हफ्ते की छुट्टी थी। इधर घर पे रहकर बोर हो रहा था तो गांव वाले घर से फोन आया के पापा के मामा के बेटे की शादी है और जो के इसी शहर में है। उन्होंने हमे खास तौर पे निमन्त्रण दिया है । हम तो गांव से आ नही पाएंगे तो तुम ही एक दो घण्टे चले जाना। तो मैंने सोचा बढ़िया मौके पर शादी आई है, जिस से मन भी बहल जायेगा और खाली समय का सदपयोग भी होजेगा।

यही सोचकर अगले दिन ख़ुशी से तैयार होकर मैं शादी पे गया हुआ था। वहां और भी रिश्तेदार आये हुए थे। जो के मेरे लिये सभी अजनबी थे। उनमें से एक भाभी अमृता जिसके बारे में बतादू जो के हमारी दूर की रिश्तेदारी में भाभी लगती थी। जो के अकेली अपने बेटे के साथ शादी में आई थी। उसकी उमर 30 साल की होगी।

उसका पति किसी प्राइवेट कम्पनी में काम करता था। उनका एक 6 साल का बेटा था। सो उनसे अच्छी जान पहचान थी, बस उनसे बात कर लेता था। वो भी इतने अजनबी लोगो में सिर्फ मुझसे बात करके खुद को कम्फर्टेबल महसुस कर रही थी।

पंजाब की शादियों का तो पता ही है आपको क्या धूम धड़ाके से होती है। सारा माहौल ख़ुशी के रंग में रंग जाता है । दूल्हे को नहलाने की रसम चल ही रही थी के एक और हफडा दफडी सी मच गयी। पता चला अमृता भाभी का एक्लौता बेटा खेलते खेलते छत की सीढ़ियों से निचे गिर गया है और माथे पे गहरी चोट की वजह से खून भी बहुत बह गया। भाभी का रो रो कर हाल बुरा हो गया था। भाभी गोद में खून से लथपथ बेहोश बेटे को लेके रोती बिलखती बोल रही थी, “हे भगवान ये क्या हो गया, अब मैं इसके पापा को क्या जवाब दूंगी?

सब आपस में खुसर फुसर कर रहे थे। एक औरत तो यहाँ तक कह रही थी, पहले बच्चों का ध्यान नही रखती बाद में ढोंग करती है। मुझे उसपे बड़ा गुस्सा आ रहा था। सब दर्शक बने देख रहे थे किसी की भी हिम्मत नही हुई के बच्चे को हॉस्पिटल ले जाये। मुझसे रहा नही गया और गुस्से में चिलाया, क्या सबकी इंसानियत मर गयी है, आज किसी गैर का बच्चा है इस लिए चुप हो, अगर इसकी जगह आप में से किसी का होता चुप रहते क्या, यही मरने के लिए छोड़ देते क्या ?

नही साथ जाना तो कोई गाड़ी ही देदो हस्पताल तक जाने के लिए, या कोई कोई एम्बुलेंस को ही बुला दो।

इतने में दूल्हे के पापा ने अपनी गाड़ी की चाबी दे दी और मैंने अमृता भाभी को दिलासा दिया, “कुछ नही होने दूंगा तेरे बेटे को भाभी, जहां तक हुई पूरी मदद करूँगा आपकी। हम दोनों ने बच्चे को उठाया और गाड़ी में डालकर अस्पताल की तरफ रवाना हो गए। मैं गाड़ी चला रहा था और भाभी साथ वाली सीट पे गोद में बेहोश हुए बेटे को लेकर बैठी रो रही थी।

भाभी पूरे रस्ते में रोती रही ओर मैं उन्हे होंसला दे रहा था। तकरीबन 30 मिनट बाद हम शहर के लोकल हॉस्पिटल आ गए और जल्दी से स्ट्रेचर मंगवाया अंदर अजय को ले गए इतने में डॉक्टर हमे बाहर ही रुकने का बोल कर अंदर चला गया। इधर बाहर भाभी रो रो कर पागल हो रही थी। मैंने बहुत होंसला दिया पर चुप न हो रही थी।

जिस से मेरा भी दिल उदास हो रहा था। इतने में भाभी ने अपने पति विशाल को फोन लगाया और रोते रोते सारी बात उनको बताई, पर विशाल ने कहा कोई मीटिंग अटेंड कर रहा हूँ। फ्री होकर बात करता हूँ और सारा दिन कोई फोन और न खुद कोई आया। जिस से अमृता का दिल और भी टूट गया।

करीब 30 मिनट बाद डॉक्टर बाहर आया और बोला, “आप मम्मी डैडी है बच्चे के? इस से पहले मैं कुछ बोलता, भाभी ने इशारे से मेरी बांह को दबाके मुझे चुप रहने का बोला और रोते हुए खुद बोली, “हाँ डॉक्टर साब मैं ही इसकी माँ हूँ ओर यह अजय के पापा हैं, वैसे बात क्या है ? कोई घबराने वाली बात तो नही है न।

डाक्टर ने माहौल की नजाकत को समझते हुए मुझे अकेले अपने कॅबिन में बुलाया और बोला, “आपके बेटे का चोट लगने की वजह से बहुत खून बह गया है, जल्दी से पोजटिव बी ग्रुप का खून का प्रब्न्ध करो, वरना बच्चे का बचना मुश्किल है और अपनी पत्नी को संभालिये इस से इनको गहरा सदमा भी लग सकता है और कोमा में भी जा सकती है। जब कॅबिन से बाहर आया तो भाभी मुझसे लिप्ट कर रोने लगी और पूछा, दीप डॉक्टर ने क्या बोला आपको ? अजय ठीक तो होजेगा न,

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