Badi Mushkil Se Biwi Ko Teyar Kiya – Part 14


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iloveall 2017-02-14 Comments

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Biwi Ki Chudai

मैंने लिखी एक सीधी सादी कहानी जो की कुछ सालोँ पहले का मेरा अनुभव था। उसे आप पाठकों ने इतना पसंद किया की मैं प्रशंषा के ऐसे सैलाब समान पत्रों से अभिभूत हो गया हूँ। मैं सब पाठक गण का तहे दिल से आभारी हूँ। मैंने उस कहानी को वहीं ख़त्म करने का सोचा था क्योंकि वह काफी लंबी हो चुकी थी। मैंने सोचा नहीं था की आप लोग मुझे आगे लिखने के लिए इतना मजबूर कर देंगे।

चलिए तो फिर आगे बढ़ते हैं।

उस रात मेरी पत्नी जीवन में पहली बार कोई गैर मर्द के साथ सोई थी। मेरे लिए भी यह कोई साधारण अनुभव नहीं था। जिनकी पत्नी सुन्दर और सेक्सी होती है उनको तीन हिस्सों में बाँटा जा सकता है। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

सर्व प्रथम वह पति हैं जो अपनी सुन्दर और सेक्सी पत्नियों के सौन्दर्य का लाभ स्वयम ही लेते है। वह दूसरों से अपनी सुन्दर पत्नी को दूर रखने की कोशिश में लगे रहते है। उनकी पत्नियों को जब अन्य पुरुष घूरते हैं तो वह नाराज हो जाते हैं और अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द से मिलाने में झिझकते हैं। ऐसे पति अक्सर ईर्ष्या की आग में जलते रहतें हैं और इतनी सुन्दर पत्नी होनेके बावजूद हमेशा दुखी रहते हैं। अक्सर उनकी पत्नियां भी दुखी रहती हैं क्योंकि पति उनपर हमेशा शक की निगाह रखते हैं।

दूसरे वह जो उनकी पत्नी दूसरों की पत्नियों से ज्यादा खूबसूरत है इस बात से वह हमेशा बड़े गर्वान्वित महसूस करते हैं। वह अपनी पत्नियों को अपने मित्रों और सोशल ग्रुप में ले जाने में सामान्यतः लालायित रहते हैं; जिससे की वह सबको दिखा सकें की उनकी पत्नी सबसे ज्यादा सुन्दर है और वह ऐसे पत्नी के पति हैं। पर ऐसे पति भी अपनी पत्नी को दूसरोँ से खुलकर मिलने देने से कतराते हैं।

तीसरे वह, जो अपनी पत्नी खूब सूरत है उसका पूरा आनंद लेते हैं। सबसे पहले वह अपनी पत्नी से खूब प्रेम करते हैं और उसे अपने प्रेम के बंधन में ऐसे बाँध देते हैं की चाहते हुए भी वह किसी और के चक्कर में न पड़े। बादमें जब एक बार उन्हें तसल्ली हो जाती है की उनकी पत्नी हमेशा उनकी ही रहेगी तब वह उसे दूसरों से खुल के मिलाते हैं और गैर मर्दों के पत्नी को घूरने पर नाराज न होकर उस का पूरा आनंद लेते हैं।

मैं शायद चौथी ही किस्म का इंसान था जिसने अपनी पत्नी से खूब प्रेम कर उसे अपने प्रेम के बंधन में ऐसे बाँध लिया था की वह किसी और के चक्कर में न पड़ सके। बादमें एक बार तसल्ली हो जाने पर उसे दूसरों से खुल के मिलाता रहा। न सिर्फ गैर मर्दों के घूरने पर नाराज न होकर उस बात का भरपूर आनंद लिया; बल्कि ऐसा भी सोचने लगा की हमारे (मैं और मेरी पत्नी) दोनों के मन पसंद किसी गैर मर्द के साथ मिलकर क्यों न मैं मेरी पत्नी से जमकर सेक्स करूँ और उसे वह आनंद दूँ जिसकी शायद उसे कल्पना भी न हो। यह विचार मुझे बड़ा उत्तेजित करता था।

यह बात शायद पहले ही से मेरे मन में रही होगी पर पहली बार यह बात ठोस रूप से मेरे सामने तब आयी जब मेरे बॉस ने मेरी पत्नी को जबरन खिंच कर उस पार्टी में डांस के लिए ले जाना चाहा। मुझे तब मेरे बॉस की हरकत से नाराजगी नहीं महसूस हुई, बल्कि एक अजीब से रोमांच का अनुभव हुआ। तब मुझे समझ नहीं आया की मुझे ऐसा महसूस क्यों हुआ। खैर तब तो नीना ने उन्हें साफ़ मना कर दिया और उनको एक करारा झटका देकर भगा दिया।

उस दावत में जब मेरी कमसिन, पतली कमर और ३४ – २८ – ३४ फिगर वाली ख़ूबसूरत पत्नी अपने लहराते हुए बालों और अपनी उछ्रुंखल लचकती चाल में अपने थिरकते हुए लचीले स्तनों की और ध्यान न देते हुए मुख्य हाल में दाखिल हुई तब सारे पुरुष और स्त्री उसी को ताड़ने लगे। ऐसी स्त्री को पुरुष वर्ग कामुकता से देखे तो उसमें कुछ अस्वाभाविक तो था नहीं। पर मेरी पत्नी ने मेरे दोस्त अनिल के पाँव तले की तो जमीन ही जैसे हटा दी। वह तो नीना को देख लोलुपता की खाई में जैसे गिरने लगा। वह सब भुलाकर, यहां तक की उसकी अपनी पत्नी के होते हुए भी निर्लज्जता पूर्वक मेरी बीबी को ताड़ता ही जा रहा था।

उस दावत में अपने आपको बड़ी मुश्किल से सम्हालते हुए मेरे करीबी दोस्त अनिल ने जब मेरी बीबी पर डोरे डालने शुरू किये और बड़े सलीके से वह उसे ललचाने लगा तो मेरे जहन में एक अजीब सा रोमांच होने लगा और मेरे मनमें एक गुप्त भाव जगा जो चाहता था की मेरी बीबी मेरे दोस्त की जाल में फंस जाय।

हालाँकि मैं जानता था की ऐसा कुछ होने वाला नहीं है, क्योंकि मेरी बीबी इतनी रूढ़िवादी और मेरे प्रति इतनी निष्ठांवान थी की मेरे चाहते हुए भी वह दूसरे मर्दों से ललचाना तो दूर, वह ऐसे ठर्कु मर्दों की और तिरस्कार से देखती थी।

पर कहानी में ट्विस्ट तब आया जब मैंने अनिल की पत्नी को पहली बार देखा। हॉल मैं जैसे ही वह दाखिल हुई की मेरी आँखें उस पर गड़ी की गड़ी रह गयीं। अनीता ऐसी मस्त लग रही थी जैसी की मैंने अपने सपने में किसी सेक्सी औरत की कल्पना की थी। मेरे गहन में एक ऐसी सेक्सी औरत की मूरत थी जिसके होंठ पहले हुए मद मस्त गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लाल हों और जिसकी चाल से उसके नितम्ब ऐसे थिरकते हों जैसे कोई हाथिनी चल रही हो। जब उसके पति अनिल ने अपनी पत्नी अनीता की मुझसे पहचान कराई तो उसने अपना हाथ लंबाया जिसे अपने हाथों में लेते ही मेरे पुरे बदन में जैसे आग लग गयी।

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