Badi Mushkil Se Biwi Ko Teyar Kiya – Part 2


Click to Download this video!
iloveall 2016-08-25 Comments

This story is part of a series:

मेरी सीधी सादी बीबी कुछ सोचमें पड़ गयी और फिर अपना सर हिलाते हुए कहा, “हाँ तुम सही कह रहे हो।” फिर वह मुझसे लिपट गयी और बोली, “डार्लिंग क्या सच में तुम्हें तुम्हारी पत्नी पर इतना विश्वास है?

उस वक्त ही मैं समझ गया की मेरी घरेलु वफादार पत्नी असमंजस में तो है परंतु थोड़ी सी पिघली भी है।

मैंने नीना को बाँहों में और करीब दबाते उसके ब्लाउज में हाथ डाला। उसके रसीले स्तन युगल को बारी बारी दबाते और उसकी निप्पल को सहलाते और दबाते हुए और भी छेड़ा। मैंने कहा, “एक बात तो तुमने ठीक कही। अनिल तुम पर फ़िदा तो है। तुम्हारे लताड़ने पर बेचारा बहुत दुखी था। वह जब तुम को देखता है तो उसकी आँखे बार बार तुम्हारे स्तन पर ही टिक जाती है।”

नीना एकदम सहम सी गयी। थोड़ी पीछे हट कर उस ने मेरी बात को खारिज करते हुए कहा, “ऐसी कोई बात नहीं है। तुम मर्दों को तो सेक्स के अलावा और कुछ सूझता ही नहीं। परन्तु अनिल ऐसा नहीं लगता।”

मैंने उसे और उकसाते हुए कहा, “अच्छा? अनिल भी तो एक मर्द ही है। अगर फिर भी यदि तुम ऐसा समझती हो की अनिल ऐसा नहीं है तो चलो एक टेस्ट करते हैं। एक काम करो। तुम उसे थोड़ा उकसाओ। जब वह आये तो उसे अपने कुछ सेक्सी पोज़ दो, फिर देखो। अगर तुम्हे वह कसके बाँहों में जकड न ले तो कहना।” मेरी पत्नी यह सुनते ही एकदम गुस्सा कर बोली, “बस भी करो। शर्म नहीं आती अपनी बीबी से ऐसी बाते करते हुए?” नीना पलट कर सो गयी।

मैंने उसे बाँहों में जकड कर बोला, ‘अरे भाई माफ़ भी करो। मैं तो मजाक कर रहा था।”

तब नीना ने करवट ली और थोड़ा मुस्का कर बोली, “कोई बात नहीं। मैं भी तो खाली गुस्से का दिखावा कर रही थी। ”

मैंने उसे बाँहों में और कस कर दबाया और बोला, “पर नीना, एक बात बताऊँ? बेचारा अनिल, वास्तव में तुम्हारा आशिक हो गया है। वह कभी कबार गलती से या आवेश में तुम्हे थोड़ा छेड़ता या छू लेता है तो बेचारे पर गुस्सा कर उसका दिल मत तोडना।”

नीना तब एकदम उत्तेजित हो गयी। मेरी बात को टालते हुए मेरे कड़क लण्ड पर हाथ रख कर उस को सहलाते हुए बोली, “तुम भी कमाल के पति हो। अपने दोस्त पर इतने मेहरबान हो। चलो ठीक है, मैं ध्यान रखूंगी, पर देखो तो, यह बेचारा कितना उतावला हो रहा है अपनी सहेली से मिलने के लिए। उसका भी तो ध्यान रखो। अब अपना काम तो पूरा करो।”

मैं समझ गया की नीना गरम हो गयी थी । मैं तुरंत अपना पजामा उतार कर नंगा हो गया और फुर्ती से नीना के नाईट गाउन को भी उतार दिया। हमारे दो नंगे बदन एक दूसरे के साथ रगड़कर जैसे काम वासना की आग पैदा कर रहे थे। मेरा लंड एकदम फौलाद की तरह कड़क हो गया था। मैंने नीना की चूत पर हाथ रखा तो पाया की वह तो अपना रस ऐसे बहा रही थी जैसे झरना बह रहा हो।

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कोममेंट सेक्शन में जरुर लिखे.. ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

मैंने अपनी पत्नी को कहा, “जानेमन तुम बड़ी गरम हो गयी हो। क्या बात है?”

नीना ने भी उसी लहजे में कहा, “तुम ऐसी बातें कर कर के मुझे गरम जो कर रहे हो।“

उसके बाद नीना ने बोलना बंद किया। बोल कैसे पाती? मेरा लण्ड बड़े प्यारसे उसने अपने मुंह में ले जो लिया था। वह उसे ऐसे चूसने लगी जैसे बच्चे बर्फ के गोले में से रस चूसते है। पहले उसे लण्ड चूसना अच्छा नहीं लगता था। परन्तु उस दिन वह मुझे बहुत खुश करना चाहती थी।

उस रात को मैं भूल नहीं पाउँगा। उस ने खूब चुदवाया। वह तिन बार झड़ गयी और मैं दो बार। मुझे लगा जैसे मेरे दोस्त अनिल का तीर निशाने पर लग रहा था।

पढ़ते रहिये.. क्योकि ये कहानी अभी जारी रहेगी.. और मेरी मेल आई डी है “[email protected]”.

Hindi Sex Stories

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top