Ek Aashik Anjaana – Part 1


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Namitayadav 2016-07-15 Comments

Hindi Sex Story

हेलो दोस्तों, जैसा की आप सब जानते है कि DK पर ये मेरी पहली स्टोरी है। पहले मैं अपने बारे में बता दू की मेरा नाम नमिता यादव है और मेरी उम्र 25 साल है, मैं इंदौर की रहनी वाली हूँ, मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है और साइज 34,30,34 है.

जब मैं अपनी सेक्सी सी कमर हिला-हिला के चलती हु तो बहुत से लौंडो के जाने कहा-कहा से पानी रिसना शुरू हो जाता है। अब मैं अपनी कहानी पर आती हु.

ये स्टोरी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं इंदौर के गुजराती कॉलेज में पढ़ती थी और मेरे साथ ही मेरी छोटी बहन भी वही पढ़ती.

बात 6 साल पहले की है जब कॉलेज में मेरा फर्स्ट ईयर ही था और जुलाई होने की वजह से बारिश का सुहाना मौसम था, बारिश मुझे बहुत पसंद है और मेरी फ्रेंड खुशबु को भी पसंद है.

तो हम दोनों कॉलेज की बंक मारके बहार रोड़ पर ही बारिश में नहाने लग गए, बारिश होने की वजह से ट्रैफिक भी कम ही था, 1 घण्टा नहाने में बाद हम साइड हो गये क्योकि अब ठंड भी बहुत लग रही थी, अचानक मेरे सर में तेज दर्द होने लगा और मुझे छींके आने लगी.

ये देख के मेरी फ्रेंड ने कहा चल सामने मल्टी में एक मेडिकल है वहाँ से सर्दी की दवाई ले लेते है, हम दोनों वहाँ गए तो वहाँ हमें एक हट्टा-कट्टा लड़का मिला जिसका नाम दीपेश था और उसका रंग सांवला सा था.

मेरी फ्रेंड ने उससे कहा कि कोई सर दर्द की या सर्दी की टेबलेट देदे, उसने मुझे डी-कोल्ड टोटल दी और बोला इससे ठीक हो जायेगा, फिर उसने मुझसे नाम पूछा मेने बता दिया और पूछा आप यही पढ़ती हो तो मैने कहा कि फर्स्ट ईयर।

मुझे उसका नेचर अच्छा लगा, फिर इसे कुछ दिनों बाद मैं फिर से दवाई लेने वहाँ गयी, इस बार मैं अकेली गयी थी, उसने फायदा उठा कर मुझे बोल दिया की आप बहुत खूबसूरत हो और मैं आपको पसंद करता हूँ, ये पहली बार था जब किसी ने मेरी तारीफ़ की थी मुहहे बड़ा ही अच्छा लगा, फिर उसने मुझसे मेरा नंबर माँगा जो मेने बिना कुछ सोचे उसे दे दिया, उसकी बाटे मुझ पर जादू जैसा असर कर रही थी.

कुछ दिनों बाद इसका फोन आया सुबह 9 बजे, मैं कॉलेज में जा रही थी की रिंग बजी मेने रिसीव किया तो वो बोला हैप्पी बर्थडे, मेने कहा तुम्हे कैसे आता की आज मेरा बर्थडे है, मेरा बर्थडे 1 अगस्त को आता है, तो उसने बोला बस चाहने वाले सब पता कर लेते है, मैं बिलकुल चौंक गए और बहुत खुश भी हुई.

उठाने मुझे कॉफ़ी के लिए पूछा तो में मना नहीं कर पाई, उसने मुझे कॉलेज से थोड़ा आगे आने को कहा जहा उसकी सफ़ेद रंग की फोर्ड कार खड़ी थी, मैं कार की पिछली सीट पर बैठ गयी तो उसने बोला की आगे आ जाओ, मेने कहा कि यही ठीक है.

फिर हम एक फ्लैट पर पहुंचे जो की साकेत तरफ कही था, दरवाज़ा खोलते है मैं हैरान रह गयी सामने केक रखा था जिस पर लिखा था हैप्पी बर्थडे चाहत, मेने पूछा ये चाहत कोन है तो वो बोला की मैं आपको बहुत चाहता हु इसलिए आपका नाम चाहत रखा है क्यों आपको अच्छा नहीं लगा तो मैने कहा नहीं बहुत अच्छा है.

फिर हमने केक काटा और एक दूसरे को खिलाया, उसने घुटनो पर बैठ कर मुझे एक रिंग बॉक्स दिया और बोला आई लव यू विल यू मैरी मी, मैं चौंक गयी ये सब मेरे लिए पहली बार था मेने उससे कहा कि सच में इतना प्यार करते हो मुझसे, तो वो बोला अपनी जान से भी ज़्यादा, मेने रिंग लेली और उसने मुझे अपनी बांहो में भर लिया और पागलो की तरह मेरे होंठ चूसने लगा.

मुझे बिजली का झटका लगा और बड़ा मजा आने लगा, फिर उसने मुझे अपने हाथों में उठाया और बैडरूम की तरफ ले गया, बेड पर बड़े प्यार से मुझे सुलाया, ये सब हो रहा था तो मुझे बिलकुल होश नहीं था और बड़े मज़े ले रही थी पर क्या पता था कि आज मैं लड़की से औरत बनने वाली थी और मेरी चूत का भोसड़ा.

उसने मेरा टॉप निकाल दिया और जीन्स भी अब मैं सिर्फ ब्रा-पेंटी में थी और उसने अपने भी सारे कपड़े निकाल दिए वो सिर्फ अंडरवियर में था और उसमें कुछ बड़े डंडे जैसा दिखाई दे रहा था, उसने धीरे से मेरी ब्रा उतार दी अब मेरी चूचिया आज़ाद थी और उसके सामने थी.

उसने मेरी चूची अपने मुंह में भर ली और मैं सीत्कार उठी की उइईईई माँ दीपेश ये क्या कर रहे हो, आआ आ ह हा हह हहहहहह, मेरी दूसरी चूची मसल दी उसने बड़ी बेरहमी से मैं चीख पड़ी आईईईईइ, वो बोला नमिता मेरी जान आज तुझे स्वर्ग दिखाऊंगा उसके बाद तू रोज बोलेगी मुझे चोदने को, फिर उसने मेरी पेंटी निकाल दी और अपने होंठ मेरी बहती चूत पर रख दिए.

मैं जैसे पागल सी हो गयी आह अहह आहहहहहहहहह, मेरा रस रह-रह के बह रहा था, उसने अपना अंडरवियर उतार दिया तो सांप जैसा उसका लण्ड झूलते हुए बाहर आया, उसमे मुझे हाथ पकड़ के खिंचा और लण्ड नेरे मुंह के पास लाके बोला की चुसो इसे, मेने बड़े प्यार से उसका लण्ड पकड़ा और सहलाने लगी तो उसने मेरे बाल पकड़ के अपना 7 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा लण्ड मेरे मुंह में घुसेड़ दिया जिससे मेरी आवाज बीस गुगुऊऊऊ करके निकलने लगी.

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