Sonia, Meri Sexy Saali Sahiba – Part 1


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Deep punjabi 2016-08-17 Comments

Hindi Sex Story

हलो दोस्तों नमस्कार आपका अपना दीप पंजाबी एक नई कहानी लेकर एक बार फेर आपकी सेवा में हाज़िर है।

ये कहानी भी पिछली कहानी की तरह हमारी साईट देसी कहानी डॉट नेट के एक निम्न पाठक द्वारा भेजी गयी है। जिसमे उसने बताया के कैसे उसने अपनी एकलौती लाड़ली साली की सूनी गोद हरी करने में मदद की।

सो आगे की कहानी उसी की ही ज़ुबानी…..

हलो मित्रो मेरा नाम शिवम् है और मैं पंजाब से हूँ। मेरी उम्र 30 साल है। मेरी शादी किरण (28) से हुई को 2 साल हो गए है। मेरा सुसराल हरियाणा में पड़ता है। किरण ओर मेरी साली सोनिया दोनों बहनो की शादी एक दिन ही हुई थी। दोनों बहनो का कोई भी सगा भाई नही है। इस लिए सोनिया के पति राज को सुसराल में ही घर जमाई रखा हुआ है।

मेरी साली सोनिया बहुत ही खूबसूरत स्त्री है। उसकी उम्र करीब 27 साल, कद साढ़े 5 फ़ीट, रंग गोरा, मांसल बदन की मालकिन है।

ये पिछले साल की बात है के एक दिन हम दोनों पति पत्नी मेरे सुसराल गये हुए थे। सोनिया ने हमारा बहुत बढ़िया तरीके से स्वागत किया। वो उस वक़्त घर पे अकेली थी। लाड़ली साली होने की वजह से मेरी उससे अच्छी पटती थी। हम तीनो हॉल में बैठकर चाय पी रहे और बाते कर रहे थे तो…..

किरण – सोनिया, माँ पापा और जीजू किधर गए हैं ?

सोनिया – दीदी वो तीनो बैंक में कोई जरूरी काम था, सुबह से वही गए हैं। बस आते ही होंगे।

किरण – ठीक है, आप लोग बाते करो, तब तक मैं तो नहाकर आती हूँ । सफर की वजह से थकान और पसीना बहुत आ गया है और वो अपने कपड़े लेकर नहाने चली गयी ।

और हम दोनों आपस में गप्पे हांकने लगे। उसके जाने के बाद…

सोनिया – क्यों जीजा जी, हमे कब मौसा मौसी बना रहे हो? अब तो दो साल हो गए है शादी को। कब खुशखबरी दे रहे हो?

मैं  – इतनी भी क्या जल्दी है साली साहिबा, अभी एक दो साल और मस्ती करेंगे फेर देखने बच्चे को भी।

सोनिया — नही जीजू ये गलत सोच है। बच्चे जितनी जल्दी हो जाये अच्छा है। नही तो बहुत परेशानी खड़ी हो जाती है। सारी उम्र दवाई खाने और डॉकटरों के चक्रों में निकल जाती है।

मैं – बात तो तुम्हारी ठीक है साली साहिबा, खैर आप हमारा छोडो अपना बताओ, कब मौसा कहने वाला हमें दिखा रहे हो,

इतना सुनते हीे उसका हंसता चेहरा एक दम से मुरझा गया और आंसू उसकी गोरी गालो को भिगोने लगे और वो उठ कर अपने कमरे की तरफ भाग गयी।

मैं चाय का कप निचे रखते हुए उसके पीछे गया और पूछा,” क्या हो गया साली साहिबा आपका हंसता चेहरा मुरझा क्यों गया?

जहाँ तक मुझे याद है मैने तो कोई ऐसा मज़ाक भी नही किया जिस से आपने हर्ट फील किया हो। सोनिया बोलो भी क्या परेशानी है? काश मैं कोई मदद कर सकु आपकी।

सोनिया ने आंसू पोंछे और बोली,” जीजू आपको सब बताउंगी पर अभी नही। बात बहुत गम्भीर है और दीदी अभी घर ही है । किसी दिन जब हम दोनों अकेले हुए तब बताउंगी। इतने में उसने अपनी भीगी आँखे पोंछ ली।

इतने में किरण भी नहाकर बाहर आ गयी और हम दोनो को हॉल में न पाकर सीधा रानी के कमरे में आ गयी और आते ही बोली,” जीजू साली में क्या खिचड़ी पक रही है। मुझे भी बताओ भाई?

मैं – तुम्हे क्यों बताये भाई, कुछ बाते पर्सनल भी होती है और तीनो हंस पड़े।

इतने में राज और उसके साथ सास ससुर भी बैंक से वापिस आ गए। घर में जशन जैसा माहौल बन गया। सब ने मिलकर खूब हंसी मज़ाक किया।

अगले दिन सुबह ही सोनिया हमारे कमरे में दो कप चाय देने आई।

रानी – गुड़ मॉर्निंग जीजू, एंड दीदी।

मैं – गुड़ मॉर्निंग साली साहिबा

कैसे हो, आह्ह्हह्हह्ह..

सुबह सुबह आपके दर्शन हो गए आज दिन बहुत बढ़िया निकलेगा। मेने मज़ाक में कहा ।

सोनिया – आप भी न जीजू, ऐसे न बोलो मेको शर्म आती है।

लेटी लेटी किरण बोली,” करवा ले तारीफ इनसे सोनिया मैडम, वरना तारीफ तो यह मेरी भी नही करते जो हर रोज़ इसके नीचे सोती हूँ।

सोनिया – हंसते हुए हट बेशर्म न हो तो और खाली ट्रे लेकर भाग गयी।

सुबह करीब 9 बजे रोजाना की तरह राज अपने ऑफिस,  किरण की माँ बाज़ार सामान लेने चली गयी। आज किरण भी उनके साथ चली गयी। अब घर पे ससुर जी, मैं और सोनिया तीनो रह गए। गर्मियों की वजह से ससुर जी बाहर धूप में कही आते जाते नही थे, बस नहा धोकर, खाना खाके अपने कमरे को अंदर से लॉक करके ऐ.सी चलाकर सो जाते थे और शाम के 6 बजे तक वही रहते थे।

मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था के सोनिया मेरे लिए खाना लेके आई और बोली,” लो जीजू खाना खालो पहले फेर ढेर सारी बाते करेंगे दोनों जीजा साली।

मैंने भी हाथ धोये और खाना खाने बैठ गया।

मेने सोनिया को भी साथ में खाना खाने का न्योता दिया।

वो बोली,” कोई बात नही जीजू पहले आप खा लो मैं बाद में खा लुंगी। अभी मेरा काम भी निपटाने वाला पडा है।

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