Chudai Ki Baat, Bhuli Na Wo Raat – Part 2


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findfuckforget 2016-06-28 Comments

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अब आगे की कहानी – कुछ देर बाद उसने गांड के छेद से अपना मुँह हटाया तो बोल जानु यह मेरी तरफ से तुम्हारी पहली और आखरी चुदाई है और मैं यह चाहता हूँ कि तुम यह चुदाई मरते दम तक याद रखो. मैं बोली इसे चोदना नहीं तड़पना कहते हैं, मेरी बात सुन कर वह बोला जानु अभी तो मैंने तुम्हें तड़पाना शुरू ही नहीं किया. मैंने पुछा क्या मतलब ??

मेरा सवाल सुन वह बोला अभी बताता हूँ. वह झट से दूर हट गया और टेबल के पास जा कर कुछ निकाल कर फिर मेरे पास आ गया. मैं उसके दूर जाने और फिर पास आने की आहट साफ़ सुन सकती थी.

वह फिर मेरी गांड की तरफ गया और मे्रे चूतड़ों को खोल कर छेद को चाटा मैं तो पहले ही मरी जा रही थी. उसने मेरी गुलाबी गांड के छेद पर बहुत सारा थूक लगा दिया, मैंने पुछा यह क्या कर रहे हो ??

वह बोला मेरी रंडी अभी बताता हूँ. बहुत शोक हैं तुझे चुदने का रंडी बनने का. आज मैँ तुम्हें ऐसे चोदुंगा की तू हमेशा के लिए रंडी बन कर रह जाएगी. और तुझे दुनिया का कोई और लण्ड नहीं भाएगा. तू हर वकत मे्रे लण्ड और मुझसे चुदाई के बारे मैं सोचेगी.

इतना कहते ही उसने मेरी कुंवारी गांड के गुलाबी छेद में कुछ झटके से ठोंक दिया. मेरी चीख निकाल गयी किउंकी मैंने तब तक चूत तो दो चार बार मरवाई थी पर मैंने कभी गांड में ऊँगली तक नहीं की थी लण्ड तो बहुत दूर की बात थी. उस दिन पहली बार मुझे बताया की इसे डिलडो कहते हैं. और यह तब काम में आता है जब आस पास में कोई लण्ड मौजूद न हो.

मैंने करहते हुए कहा निकालो इसे बहार मैं मर जाऊंगी. वह बोला जानेमन मुझसे चूत मरवाना कोई बच्चों का खेल नहीं और अभी तुमने इस डिलडो का कमल देखा ही कहाँ है. .इतना कहते ही उसने डिलडो का बटन दबा दिया. तब मैं समझी की यह तो वाइब्रेटर वाला डिलडो है.

फिर जो हुआ मैं बता नहीं सकती उसने जैसे ही हिलना शुरू किया मे्रे गांड के अंदर की चीटियां काट रही थी वह और भी ज़ोर ज़ोर से काटने लगी. मुझे इतना मजा आने लगा की मुझे लगा की मैं झर जाऊंगी.

जैसे ही मैं झरने को हुई उसने वाइब्रेटर की स्पीड कम कर दी. मैंने उसकी मिन्नतें करनी शरू कर दी की प्लीज अब तो मुझे झर जाने दो पर उसने मेरी एक न सुनी. और कहने लगा मेरी छिनाल बहुत जल्दी हा तुझे झरने की. मे्रे लण्ड से क्या तेरी माँ चुदेगी. यह जो इतनी देरसे फुंकार रहा है इसको कौन ठंडा करेगी “तेरी बहिन”. अगर चुदने का इतना शोक होता है तो थोड़ा सबर भी कर मेरी रखेल. लण्ड तो तुझे मिलेगा ही पर इस लण्ड की एक कीमत अदा करनी पड़ती है.

इतना कहते ही उसने पीछे से मेरी हाथ लाकर चूत में एक ऊँगली डाल दी, और मेरी चूत के दाने को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लग गया. एक तो मेरी गांड में वाइब्रेटर का धीरे धीरे हिलना ऊपर से पेरी चूत के दाने की रगड़. मेरी तो पसीने से बुरी हालत हो गयी इतना मजा मैंने जिंदगी में कभी नहीं लिया था, अगर कोई कमी थी तो बस मेरी चूत की ठुकाई की, ता कि अब मैं झर जाऊं.

मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत लब लब पानी से भर गयी है और किसी भी वकत यह बांध टूट सकता है. पर वह कमबकत इतना मंझा हुआ खिलाडी था कि मे्रे झरने के टाइम से बिलकुल पहले या तो मेरी गुलाबी गांड के वाइब्रेटर कि स्पीड कम कर देता था या रसभरी चूत के दाने को मसलना छोड़ देता था.

कुछ देर बाद वह पीछे हटा और उसने मे्रे हाथ जो छत के साथ बांधे थे ढीले कर दिए. मैं खुश हो गयी कि अब मेरी चुदाई होने वाली है. पर तभी उसने मुझे घुटनो के बल बैठने को कहा. मैं सोच रही थी कि यह अब क्या करने वाला है क्या वह मुझे चोदेगा या वह बस मुझे तड़पाएगा.
तभी उसने मेरे बालों को कसके पकड़ा और मेरे मुंह में वह ऊँगली जो उसने मेरी चूत में डाली थी वह डाल दी. अपनी चूत के पानी का स्वाद पाकर मुझे बड़ा मजा आने लगा, मुझे नहीं पता था की मेरी चूत का पानी इतना स्वादिष्ट होगा. उसने मुझे मुँह और ज़ियादा खोलने को कहा.

वह मेरे इतने करीब था की उसके लण्ड की गर्मी और महक मुझे मदहोश कर रही थी. मुझे पता था की मेरी पहली इच्छा जो की उसका तगड़ा मूसल लण्ड अपने मुँह में लेने की थी वह अब पूरी होने जा रही थी.

मैंने सोच लिया था की मैं आज इस लण्ड को चूस चूस कर निचोड़ दूँगी, पर यह सब कुछ उसके ऊपर था की वह मुझसे लण्ड चुस्वाता है या नहीं. अभी मैं ऐसा सोच ही रही थी की उसने घप्प से मेरे मुँह में अपना मोटा लण्ड डाल दिया.

मैं हैरान थी कि मैंने जितना मोटा लण्ड सोचा था यह उससे कहीं जियादा बड़ा था. वह मूसल जैसा लण्ड इतना बड़ा था कि पूरा मुंह खोलने पर भी, मुँह में बड़ी मुश्किल से आ रहा था. तभी उसने मेरे कुछ सोचने से पहले अपनी कमर और मेरे मुंह आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

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