Mera Sexy Parivar – Part 1

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Dilwala Rahul 2016-08-19 Comments

Sex Stories In Hindi

नमस्कार देवीयों और सज्जनों, देसी कहानी पढ़ने वाले सभी हवस के पुजारियों व चूत की मल्लिकाओं को दिलवाला राहुल का आदाब…

फालतू की बातों में ज्यादा समय बरबाद न करते हुए मैं सीधे कहानी पर आता हूँ.

मैं राहुल दिलवाला उम्र 28 साल, रंग गोरा, कद 5 फीट 9 इंच, लण्ड का कद 6.5 इंच व मोटाई 4 इंच, बालों से भरी हुई चौड़ी छाती जिसे देखकर मेरे सभी दोस्तों की माँ और सभी भाभियों, आंटियों व तमाम औरतों के मुह में और चूत में पानी आ जाता है।

बात तब की है जब मैं अपने गाँव चांदपुर गया हुआ था। गाँव में हम सभी एक ही घर में रहते थे, घर के सभी आदरणीय सदस्यों का मैं आपको परिचय दे दूँ-

चाची – सपना – उम्र 42, रंग- काला, कद- छोटा, मोटी गांड, मोटी कमर, मोटे बोब्बे, भरा हुआ कसा हुआ सुडौल शरीर.

चाची की बेटी – झिलमिल – उम्र 20, रंग- सांवला, अपनी माँ सपना की तरह मोटी गांड, पेट, बोब्बे और कमर.

ताई – सुजाता – उम्र – 55, रंग – सांवला, इस उम्र में भी हट्टी कट्टी गाँव की देहाती सुडौल बूब्स और गांड वाली मर्दाना औरत जिसे देखकर सभी गाँव वालों का लण्ड सलामी देता है.

ताई की बेटी – पंखुड़ी – उम्र- 26 साल, गोरी चिट्टी कमसीन पतली कमर और छोटे अमिया से स्तन वाली हीरोइन की तरह दिखने वाली लड़की जिसने गाँव में जवान लौंडों से लेकर बुड्ढों का कच्छा गीला किया हुआ है, और भारी बदनामी के चलते पंखुड़ी से कोई शादी करने को तैयार नहीं है.

मेरे चाचा और ताऊ विदेश गए हुए हैं और 4 साल में एक बार घर पर आते हैं. चाची,ताई व उनकी दो बेटियां एक ही घर में रहते हैं. चाची और ताई में थोड़ा अनबन सी रहती है, कभी कभी लड़ाई भी होती है. लेकिन झिलमिल और पंखुडी के बीच काफी प्यार है.

जब मैं गाँव में छुट्टियां बिताने गया तो सभी मेरी उपस्थिति से काफी खुश हुए. इतने दिनों बाद किसी मर्द ने घर में दस्तक दी. घर का माहौल रंगीन हो गया, मैं भी अपनी बहनों – झिलमिल और पंखुड़ी के साथ काफी घुल मिल गया, चाची और ताई भी मेरी बहुत सेवा कर रहे हैं.

झिलमिल सकूल गयी हुयी है, ताई कपडे धो रही है, ताई अपनी साड़ी को झांघो तक उठाये हुए जमीन पर बैठकर रगड़ रगड़ के हिल हिल कर कपडे धुल रही है, जिस वजह से ताई के बूब्स भी ब्लाउज में हिल रहेे हैं और बाहर आने को व्याकुल हो रहे हैं, ताई के 70 प्रतिशत बूब्स स्पष्ट दिख रहे हैं,

मैं चारपाई में बैठकर यह विभत्स नजारा देख रहा हूँ और मेरा लण्ड मेरे पैजामे में झटके मारने लगा और तंबू बन गया जिसका उभार पैजामे में स्पष्ट दिख रहा है, ताई अपनी धुन में हिल हिल कर कपड़े धुले जा रही है और मेरी आँखों में अपनी 55 साल की बुढ़िया ताई जो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं लग रही है के प्रति हवस बढ़ती जा रही है. हवस से मेरी आँखें लाल हो गयी.

अचानक 42 साल की मोटी,काली चाची सपना दरवाजे से बाहर को झाड़ू मारते हुए आती है, चाची ने गहरे गले वाली लाल रंग की नाईटी पहनी है, जिसमे से उसकी चूची के सख्त निप्पल स्पष्ट दिख रहे हैं, मेरी मोटी काली मुसण्ड चाची झुक कर झाड़ू मार रही है,

मुझे चाची किसी रंडी से कम नहीं लग रही है, मेरा लण्ड वैसे ही मिल्फ ताई को देखकर खड़ा था और अब रंडी चची के काले मोटे लटकते हुए तरबुझ को देखकर हतोड़ा बन गया, समझ नहीं आ रहा कि क्या करूँ, कहाँ जाऊं, 4 मोटे दूध से भरे तरबुझ मेरी आँखों के सामने हैं जिन्हें चूसने और मसलने के लिए मैं बेकरार हूँ, लेकिन कैसे? कब? किस तरह? ये सोचकर मेरा दिमाग खराब हो गया.

उसके बाद पंखुड़ी(ताई की लौंडिया) मेरे पास आयी और मुझ से सट कर बैठ गयी. मैं घबरा गया. शायद पंखुड़ी ने मेरे पैजामे का उभार देख लिया और लण्ड के झटके भी साफ दिख रहे है, मेरी हालत बिलकुल खराब हो गयी.

मेने जैसे तैसे अपने लण्ड को छुपाने की कोशिश की लेकिन पंखुड़ी को सब पता चल गया और वो शैतानी से भरी हुई मुस्कान दे कर शरमा कर अंदर कमरे में भाग गयी. मैं भी कमरे में गया.

मैं- क्या हुआ पंखुड़ी, ऐसे क्यों भाग गयी?

पंखुड़ी(मेरे लण्ड की ओर देखते हुए)- तुझे नहीं पता भाई ?

मैं(लण्ड को मसलते हुए)- अच्छा, तो ये बात है, बहन शर्मा गयी….

(और मैंने पंखुड़ी को अपनी बाहों में जकड लिया, वो छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन मेरी ताकतवर भुजाओं के सामने वो हार गयी)

पंखुड़ी- हाये राम… भाई छोड़, क्या कर रहा है, माँ देख लेगी.

मैं- पंखुड़ी तू बहुत ख़ूबसूरत है रे.

पंखुड़ी- हाये दय्या, तेरी बहन हूँ मैं भाई, ऐसे कोई बोलता है अपनी बहन को और ऐसे पकड़ता है कोई, चल छोड़ मुझे अब.

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