Party Me Buddhon Ne Mera Band Bajaya


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Arashdeep Kaur 2017-01-28 Comments

इससे पहले कोई जाता मैंने अपने ब्रा में हाथ डालकर सिगरेट का पैकिट निकाल कर टेबल पर रख दिया और कहा अंकल ये पी लो। तभी एक बूढ़े ने मुझ से कहा अगर बुरा न मानों तो क्या तुम सिगरेट जला कर दे सकती हो। मुझे यकीन हो गया कि लोहा गर्म है चोट मार देनी चाहिए कहीं शराफ़त के चक्कर में ये लंड भी निकल जाएं।

मैंने एक एक करके तीन सिगरेट जलाईं और सिगरेट को चूम कर अपने हाथ से उनके होंठों पर लगा दीं। मैं बारी बारी से उनके मुंह से सिगरेट लेती और कश खींच कर वापस उनके मुंह में लगा देती।

तीन गिलासों में शराब पड़ी हुई थी और मैंने तीनों गिलासों से एक एक घूंट पीकर गिलास रख दिए और उन्होंने बची हुई शराब पीकर खाली गिलास टेबल पर रख दिए। मैंने गिलासों में शराब एवं सोडा डाला और बारी बारी से सब को अपने हाथों से शराब पिलाई और गिलासों में थोड़ी-थोड़ी शराब बचा ली। वो लोग बारी बारी से उठे और अपना अपना गिलास मेरे होंठों को लगाकर शराब पिला दी।

वो तीनों मेरे पास खड़े हो गए और उनके लंडों के खड़े होने से उनकी पैंट में तंबू बने हुए थे। मैंने बारी बारी से पैंट के ऊपर से चूमा और कहा लगता है ये बेचारे किसी के मिलन को तड़प रहे हैं। एक बूढ़े ने अपनी जिप खोल ली लेकिन उसका साथी बोला यहां नहीं अपने ठिकाने पर चलते हैं और उसने जिप बंद कर ली। उन्होंने मुझे अपने साथ चलने को पूछा और मैंने हां कर दी।

वो आगे चल पडे़ और मैं पीछे। आगे जाकर उन्होंने कुछ बात की और अपनी गाड़ी के पास रुक गए। जब मैं गाड़ी के पास पहुंची तो एक ने मुझ से पूछा रात का कितना लोगी? मैंने फटाक से बोला कि मुझे पैसे नहीं सिर्फ लंड चाहिए। उन्होंने मुझे गाड़ी में बैठने को बोला और मेरे पास अपनी गाड़ी थी तो मैंने उनको कहा आप आगे चलो मैं पीछे-पीछे आती हूं। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

दो लोग गाड़ी लेकर चल पडे़ और एक मेरी गाड़ी में बैठ गया। मैंने उसको गाड़ी चलाने को बोला और उसके साथ आगे वाली सीट पर बैठ गई। उसने मेरा नाम पूछा तो मैंने कहा नाम से क्या फर्क पड़ता है जो दिल करे बुला लो। वो गाड़ी चलाने लगा और मैं उसके लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी। उसका लंड तन कर खड़ा हो गया। मैंने उसकी पैंट की जिप खोलकर लंड बाहर निकाल लिया और उसकी गोद में सिर रख दिया। मैं उसके लंड को हाथ से हिलाने लगी और बीच बीच में उसके लंड के टोपे को होंठों से चूम लेती।

उसका लंड करीब 7 इंच लंबा और करीब ढाई इंच मोटा था। उसका लंड देखकर मुझे अच्छा लग रहा था कि ये मुझे अच्छी तरह चोदेगा और सोच रही थी कि सब के लंड इतने ही लंबे और मोटे हों। वो एक हाथ से मेरे बूब्ज़ दबाते हुए गाड़ी चला रहा था। अचानक उसने मुझे बैठने को बोला और जल्दी से अपना लंड अंदर करके जिप बंद कर ली। मैंने सामने देखा तो पुलिस की चैकिंग हो रही थी। एक पुलिस वाला हमारे पास आया और उस अंकल से मेरे बारे पूछा।

अंकल ने मुझे अपनी बेटी और खुद को मेरा बाप बताया। हम लोग वहां से निकल गए। कुछ दूर जाकर हंसने लगी। अंकल ने मुझ से हंसने की वजह पूछी तो मैंने कहा आज मेरा बाप अपने दोस्तों के साथ मुझे चोदेगा। तब उसने मुझे बताया कि वो लोग दोस्त नहीं हैं बल्कि सगे भाई हैं। वो सब अपनी-अपनी बेटियों को चोद चुके हैं और एक-दूसरे की बेटियों को भी चोदा है। ऐसी बातें करते-करते हम एक जंगल नुमा जगह पर पहुंच गए जहां एक घर था। वहां अंदर बहुत सुंदर था और सोफे और बैॅड लगे हुए थे।

जब मैं अंदर गई दोनों अंकल लंड निकाल कर सोफे पर बैठे थे। उनके लंड देखकर मैं बहुत खुश हुई, सब के लंड एक जैसे लंबे और मोटे थे। मैं मन ही मन रोमांचित होने लगी कि आज की रात धड़ल्लेदार चुदाई होगी और ऊपर से उन्होंने सेक्स की गोलियां भी खा रखी थीं। एक अंकल ने मुझे एक गोली दी और कहा ये खा लो बेटी चुदाई में बहुत मजा आएगा।

मैंने शराब के साथ गोली ले ली और वो सब शराब पीने लगे। कुछ देर बाद गोली का असर होने लगा और मेरे रोम रोम में चुदाई की आग लगने लगी। तभी वो अंकल जो मेरा बाप बना था मेरे पास आया और कहा सामने रूम में चली जाओ और जिसका लंड पहले लेना है बता दो वो अंदर आ जाएगा। बाकी एक एक करके आएंगे। मैंने कहा एक एक क्यों सब मिलकर मजा करते हैं।

वो मान गए और सभी सोफे पर बैठ गए। अंकल जो मेरा बाप बना था उसने मुझे कहा कि आज की रात मैं तुम्हारा पापा हूं। उसने दूसरे अंकल की तरफ इशारा करके कहा ये तुम्हारा चाचू और तीसरे की तरफ इशारा करके कहा ये तुम्हारा ताऊ। आज तुम्हारा पापा, ताऊ और चाचा मिलकर तुझे चोदेंगे। मैं उनसे सहमत हो गई और उनको पापा, चाचा और ताऊ मान लिया।

वो तीनों अपने-अपने कपड़े निकाल कर नंगे हो गए और मैं सोफे के पास खड़ी थी। चाचू ने मेरा टॉप निकाल दिया और ताऊ ने मेरी स्कर्ट और मुझे सोफे पर बैठा दिया। चाचू मेरे बांए, ताऊ दांए बैठ गए और पापा सोफे के पीछे खड़े हो गए। चाचू और ताऊ मेरी जांघों को सहलाने लगे और पापा मेरे कंधों को।

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