Main Bani High Profile Randi

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Arashdeep Kaur 2017-02-02 Comments

थोड़ी देर बाद मैं विक्रम के लंड को चूसने लगी और नीलम उसके अंडकोष को जीभ से चाटने लगी। कुछ देर बाद विक्रम के लंड ने मेरे मुंह में लावा उगल दिया। विक्रम ने आंहें भरते हुए मेरे मुंह में लंड खाली कर दिया। नीलम ने मेरे मुंह पकड़ा और मेरे मुंह में जीभ डालकर विक्रम का वीर्य चाटने लगी।

मैंने उसके मुंह को खोला और आधा वीर्य उसके मुंह में उधेल दिया। उसने जीभ से विक्रम का वीर्य अपने मुंह में घुमाया और निगल गई और जो वीर्य मेरे मुंह में था वो में निगल गई। उसके बाद नीलम मेरे बूब्ज़ से प्रताप का वीर्य चाटने लगी। आधा वीर्य वो साफ कर गई। बाकी वीर्य को वो अपनी जीभ पर लगाती और मेरे पास कर देती। मैं उसकी जीभ को मुंह में लेकर चाट जाती।

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कोममेंट सेक्शन में जरुर लिखे.. ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

उस रात हमनें तीन बार चुदाई की और सुबह वो लोग चले गए।मैं और नीलम वहीं सो गईं शाम को नीलम और नीलम का दादा मुझे घर छोड़कर गए। रास्ते में मेरे कहने पर नीलम ने अपने दादा का लंड चूसा।

मैंने नीलम से अपने दादा की प्यास बुझाती रहने को बोला तो उसने कहा अगर मैं भी उसके साथ मिलकर दादा से चुदाई करूं तो वो राजी है। मैंने जवाब नहीं दिया और मुस्कुरा दी। वादे के मुताबिक मुझे 50,000 रुपए मिले और नीलम के दादा ने बताया हमारी वजह से पचास लाख का काम हुआ है और मेरी मेल आई डी है “[email protected]”. sex story

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